राष्ट्रीय लोक अदालत मे हुआ कुल 68014 वादों का निस्तारण
बस्ती 14 मार्च। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशानुसार व जनपद न्यायाधीश, अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, शमसुल हक के कुशल मार्गदर्शन में व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बस्ती द्वारा 14 मार्च को जनपद न्यायालय परिसर, सभी ग्राम न्यायालय, सभी तहसीलों, राजस्व न्यायालय, कलेक्ट्रेट में राष्ट्रीय लोक अदालत का सफल आयोजन किया गया।
इसमें नोडल अधिकारी, अपर जिला जज श्रीमती जेबा मजीद, जिलाधिकारी कृत्तिका ज्योत्स्ना, पुलिस अधीक्षक यशवीर सिंह एवं अन्य विभाग का सराहनीय योगदान रहा। सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बस्ती द्वारा अवगत कराया गया कि उक्त राष्ट्रीय लोक अदालत में विभिन्न प्रकार के कुल 68014 वादों का निस्तारण किया गया जिसमें बैंक ऋण व अन्य प्रकार से सम्बन्धित प्री-लिटिगेशन स्तर पर 65782 मामलों को एवं न्यायालयों के 2232 वादों का निस्तारण सुलह-समझौते के आधार पर कराया गया।
उक्त राष्ट्रीय लोक अदालत में मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण द्वारा कुल 86 मामलों निस्तारित किए गए जिसमें रू 3,32,70,000 की धनराशि क्षतिपूर्ति के रूप में प्रदान की गई एवं आपराधिक वादों के निस्तारण के फलस्वरूप कुल रू. 2,62,200 की धनराशि अर्थदण्ड के रूप में वसूल की गयी एवं अन्य मामलों में कुल रू० 1,02,53,630 इस प्रकार कुल रू.12,02,50,605 की धनराशि वसूल की गई।
इसके अतिरिक्त प्री लिटिगेशन स्तर के बैंक ऋण के 1174 मामलों को निस्तारित कराकर बैंकों द्वारा रू. 76453215 की धनराशि पर समझौता किया गया। परिवार न्यायालय से कुल 57 मामलें निस्तारित हुए। उक्त राष्ट्रीय लोक अदालत में जिला कारागार, बस्ती में निरूद्ध बन्दियों द्वारा निर्मित हस्तशिल्प कला तथा राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन विभाग की ओर से एक जिला एक उत्पाद के तहत उत्पादों की प्रदर्शिनी भी लगाई गई, जो आम जन के क्रय हेतु भी उपलब्ध थी एवं न्यायिक अधिकारीगण तथा कर्मचारीगण एवं अन्य द्वारा उक्त सामग्रियों को क्रय भी किया गया था।

मीडिया दस्तक के चीफ एडिटर अशोक श्रीवास्तव पत्रकारिता के क्षेत्र में 1992 से सक्रिय हैं। भारतीय बस्ती, स्वतंत्र चेतना, जनकदम, 7 डेज नागरिक, पंजाब केसरी, वॉयस आफ मूंवमेन्ट, स्पष्ट आवाज जैसे अखबारों में योगदान देते हुये 10 सालों से खुद के मीडिया संस्थान ‘मीडिया दस्तक न्यूज’ का संचालन कर रहे हैं। वे बस्ती चेतना साप्ताहिक अखबार के संपादक भी हैं। अशोक श्रीवास्तव अपनी बेबाक शैली, निष्पक्षता और साफ सुथरी, इमानदार पत्रकारिता के लिये जाने जाते हैं।




