देवर से थे नाजायज सम्बन्ध, शादी से मना किया तो उठाया आत्मघाती कदम
यूपी डेस्कः बुलंदशहर के खुर्जा कोतवाली नगर क्षेत्र के नेहरूपुर गांव में रेलवे लाइन के किनारे पेड़ पर महिला देवी सरकार (32) का शव फंदे से लटका मिला। पेड़ के नीचे उनकी चार साल की मासूम बेटी सावंती और देवर सरल (28) का शव पड़ा था। एसएसपी दिनेश कुमार सिंह का कहना है कि महिला के पति ने पूछताछ में बताया है उसका छोटा भाई सरल सरकार अविवाहित था।
वह उसके साथ रहना चाहती थी, इसके लिए आए दिन घर में झगड़ा करती थी। कई बार वह भागकर उसके पास चली गई थी। पत्नी लगातार उस पर शादी के लिए दवाव बना रही थी, लेकिन उसने शादी करने से इनकार कर दिया था। इसकी जानकारी मायके वालों को भी थी। सरल द्वारा शादी से फिर इनकार करने पर उसने घटना को अंजाम दिया होगा। उधर, पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार बेटी सावंती और देवर सरल सरकार की गला दबाकर हत्या किये जाने की पुष्टि हुई है। जबकि महिला की मौत लटकने से हुई है। नींद की गोली या जहरीला पदार्थ सेवन के लिए बिसरा प्रिजर्व किया गया है।
मृतक पहनावे से पश्चिम बंगाल निवासी मजदूर प्रतीत हो रहे थे। पुलिस ने पश्चिम बंगाल के मजदूरों से पूछताछ की तो इनकी शिनाख्त हो गई। इसमें महिला की पहचान देवी सरकार (32) के रूप में हुई। मृतक युवक की महिला के देवर सरल सरकार (28) और मृत बच्ची की पहचान महिला की बेटी सावंती (4) के रूप में हुई। महिला और उनका पति अपेश्वर खुर्जा जंक्शन मार्ग स्थित अमित पॉटरी में मजदूरी करते थे। वहीं पॉटरी के पीछे बने कमरे में रहते थे। देवर सरल सरकार मुंडाखेड़ा में स्थित डीलक्स पॉटरी में मजदूरी करता था। वह नेहरूपुर में किराए पर रहता था।
एसपी देहात डॉ. तेजवीर सिंह ने बताया जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि महिला और उसके देवर के बीच अक्सर बातचीत होती थी। 11 मार्च को अपेश्वर और देवी के बीच विवाद हुआ था। इसके बाद देवी ने अपने देवर को फोन किया और लगभग 28 मिनट तक फोन पर बात हुई। इसके बाद देवी अपनी बच्ची सावंती को लेकर देवर के पास रहने चले गईं। शुक्रवार सुबह तीनों के शव खेत के किनारे मिले। सीओ ने बताया कि महिला देवी सरकार मूलरूप से पश्चिम बंगाल के दक्षिण दिनाजपुर जनपद स्थित पूर्वा मल्लापुरा गांव की रहने वाली थीं। वह खुर्जा स्थित पॉटरी में अपने पति अपेश्वर के साथ मजदूरी करती थीं। साथ में मजदूरी करने वाले लोगों ने बताया कि अपेश्वर और देवी सरकार लगभग ढाई महीने पहले खुर्जा आए थे। देवर सरल सरकार लगभग छह महीने से खुर्जा में रह रहा था।

मीडिया दस्तक के चीफ एडिटर अशोक श्रीवास्तव पत्रकारिता के क्षेत्र में 1992 से सक्रिय हैं। भारतीय बस्ती, स्वतंत्र चेतना, जनकदम, 7 डेज नागरिक, पंजाब केसरी, वॉयस आफ मूंवमेन्ट, स्पष्ट आवाज जैसे अखबारों में योगदान देते हुये 10 सालों से खुद के मीडिया संस्थान ‘मीडिया दस्तक न्यूज’ का संचालन कर रहे हैं। वे बस्ती चेतना साप्ताहिक अखबार के संपादक भी हैं। अशोक श्रीवास्तव अपनी बेबाक शैली, निष्पक्षता और साफ सुथरी, इमानदार पत्रकारिता के लिये जाने जाते हैं।




